Amāvasyā-Pitṛtarpaṇa: Purūravas and the Soma-Based Ancestral Offering (अमावस्या-पितृतर्पण / सोमतर्पण-विधि)
भिन्नदेहा दुरात्मानः प्रेतभूता यमक्षये / स्वकर्माण्य नुशोचन्तो यातनास्थानमागताः
bhinnadehā durātmānaḥ pretabhūtā yamakṣaye / svakarmāṇya nuśocanto yātanāsthānamāgatāḥ
वे दुष्टात्मा, देह से विच्छिन्न होकर यम-क्षय में प्रेत-भूत बनते हैं; अपने कर्मों पर शोक करते हुए यातना-स्थान को पहुँचते हैं।