Amāvasyā-Pitṛtarpaṇa: Purūravas and the Soma-Based Ancestral Offering (अमावस्या-पितृतर्पण / सोमतर्पण-विधि)
देवाः सौम्याश्च काव्याश्च अयज्वानो ह्यचोनिजाः / देवास्ते पितरः सर्वे देवास्तान्वादयन्त्युत
devāḥ saumyāśca kāvyāśca ayajvāno hyaconijāḥ / devāste pitaraḥ sarve devāstānvādayantyuta
सौम्य और काव्य नामक देव—जो यज्ञ न करने वाले और अचोनिज (अग्नि से न उत्पन्न) हैं—वे सब पितर ही देवस्वरूप हैं; और देवगण भी उन्हीं का स्तवन करते हैं।