Amāvasyā-Pitṛtarpaṇa: Purūravas and the Soma-Based Ancestral Offering (अमावस्या-पितृतर्पण / सोमतर्पण-विधि)
तपसापि प्रसिद्धेन किंपुनर्मासचक्षुषा / अनुदेवपितॄनेते पितरो लौकिकाः स्मृताः
tapasāpi prasiddhena kiṃpunarmāsacakṣuṣā / anudevapitṝnete pitaro laukikāḥ smṛtāḥ
तप से प्रसिद्ध पुरुष भी (उनको) नहीं जान पाते, फिर तो मास-चक्षु से क्या जाना जाएगा? ये देव-पितरों के अनुगामी पितर ‘लौकिक’ कहे गए हैं।