Amāvasyā-Pitṛtarpaṇa: Purūravas and the Soma-Based Ancestral Offering (अमावस्या-पितृतर्पण / सोमतर्पण-विधि)
एवं सूर्यस्य वीर्येण चन्द्रस्याप्यायिता तनुः / दृश्यते पौर्णमास्यां वै शुक्लः संपूर्णमण्डलः
evaṃ sūryasya vīryeṇa candrasyāpyāyitā tanuḥ / dṛśyate paurṇamāsyāṃ vai śuklaḥ saṃpūrṇamaṇḍalaḥ
इस प्रकार सूर्य के तेज से चन्द्र की देह पोषित होती है; और पूर्णिमा को वह श्वेत, संपूर्ण मण्डल के रूप में स्पष्ट दिखाई देता है।