अधोलोकवर्णनम् (Adholoka-varṇana) — Description of the Lower Worlds and Cosmographic Measures
तस्मादुष्णा भवत्यापो नक्तमह्नः प्रवेशनात् / एतेन क्रमयोगेन भूम्यर्द्धे दक्षिणोत्तरे
tasmāduṣṇā bhavatyāpo naktamahnaḥ praveśanāt / etena kramayogena bhūmyarddhe dakṣiṇottare
इसलिए रात्रि और दिन के प्रवेश से जल उष्ण हो जाता है; इसी क्रम-योग से पृथ्वी के दक्षिण और उत्तर अर्धभाग में यह व्यवस्था होती है।