अधोलोकवर्णनम् (Adholoka-varṇana) — Description of the Lower Worlds and Cosmographic Measures
कृत्तिकानां यदा सूर्यः प्रथमां शगतो भवेत् / विशाखानां तदा ज्ञेयश्चतुर्थांश निशाकरः
kṛttikānāṃ yadā sūryaḥ prathamāṃ śagato bhavet / viśākhānāṃ tadā jñeyaścaturthāṃśa niśākaraḥ
जब सूर्य कृत्तिका नक्षत्र के प्रथम पाद में पहुँचता है, तब जानना चाहिए कि विशाखा में चन्द्रमा का चतुर्थांश स्थित होता है।