अधोलोकवर्णनम् (Adholoka-varṇana) — Description of the Lower Worlds and Cosmographic Measures
मेषति च तुलान्ते च भास्करोदयतः स्मृताः / मुहूर्त्ता दश पञ्चैव अहो रात्रिश्च तावती
meṣati ca tulānte ca bhāskarodayataḥ smṛtāḥ / muhūrttā daśa pañcaiva aho rātriśca tāvatī
मेष में और तुला के अन्त में, सूर्य के उदय से दिन-रात का मान स्मृत है; तब पन्द्रह मुहूर्त का दिन और उतने ही मुहूर्त की रात होती है।