प्लक्षद्वीपवर्णनम्
Description of Plakṣa-dvīpa
एवं परस्परोत्पन्न धार्यन्ते च परस्परम् / आधाराधेयभावेन विकारास्ते ऽविकारिणः
evaṃ parasparotpanna dhāryante ca parasparam / ādhārādheyabhāvena vikārāste 'vikāriṇaḥ
इस प्रकार परस्पर से उत्पन्न हुए वे विकार एक-दूसरे को धारण करते हैं; आधार-आधेय के भाव से वे परिवर्तनशील होकर भी अविकार (मूल तत्त्व) के अधीन हैं।