प्लक्षद्वीपवर्णनम्
Description of Plakṣa-dvīpa
अनेकधा विभक्ताङ्गो महायोगी जनार्दनः / सर्वलोकेषु लोकेश इज्यते बहुधा प्रभुः
anekadhā vibhaktāṅgo mahāyogī janārdanaḥ / sarvalokeṣu lokeśa ijyate bahudhā prabhuḥ
अनेक रूपों में विभक्त अंगों वाले महायोगी जनार्दन, समस्त लोकों में लोकनाथ प्रभु के रूप में अनेक प्रकार से पूजे जाते हैं।