कैलास-मन्दाकिनी-स्वच्छोदा-लौहित्य-सरयू-उद्गमवर्णनम्
Kailāsa and the Origins of Mandākinī, Svacchodā, Lauhitya, and Sarayū
ज्योत्स्ना च मृगाकामा च तस्माद्द्वे संबभूवतुः / सरः कुरुषु विख्यातं पद्ममीनद्विजाकुलम्
jyotsnā ca mṛgākāmā ca tasmāddve saṃbabhūvatuḥ / saraḥ kuruṣu vikhyātaṃ padmamīnadvijākulam
‘ज्योत्स्ना’ और ‘मृगाकामा’—ये दो नदियाँ वहाँ से उत्पन्न हुईं। कुरु देश में एक प्रसिद्ध सरोवर है, जो कमलों, मछलियों और पक्षियों से परिपूर्ण है।