कैलास-मन्दाकिनी-स्वच्छोदा-लौहित्य-सरयू-उद्गमवर्णनम्
Kailāsa and the Origins of Mandākinī, Svacchodā, Lauhitya, and Sarayū
पुण्डरीका पयोदा य तस्मान्नद्यौ विनिर्गते / श्वेतात्प्रवर्त्तते पुण्यं सरयूर्मानसाद्ध्रुवम्
puṇḍarīkā payodā ya tasmānnadyau vinirgate / śvetātpravarttate puṇyaṃ sarayūrmānasāddhruvam
‘पुण्डरीका’ और ‘पयोदा’—ये दोनों नदियाँ उस सरोवर से निकलती हैं। श्वेत सरोवर से पवित्र सरयू नदी निश्चय ही मानस से प्रवाहित होती है।