कैलास-मन्दाकिनी-स्वच्छोदा-लौहित्य-सरयू-उद्गमवर्णनम्
Kailāsa and the Origins of Mandākinī, Svacchodā, Lauhitya, and Sarayū
एवमेव तु विज्ञेया ऋद्धिः पर्वतवासिनाम् / परस्परेण द्विगुणा धर्मतः कामतोर्ऽथतः
evameva tu vijñeyā ṛddhiḥ parvatavāsinām / paraspareṇa dviguṇā dharmataḥ kāmator'thataḥ
इसी प्रकार पर्वतवासियों की समृद्धि जाननी चाहिए; वे परस्पर धर्म, काम और अर्थ के अनुसार द्विगुणी होती जाती है।