कैलास-मन्दाकिनी-स्वच्छोदा-लौहित्य-सरयू-उद्गमवर्णनम्
Kailāsa and the Origins of Mandākinī, Svacchodā, Lauhitya, and Sarayū
शिवशैलानिन्द्रपदान्वसतीश्च विसर्जमान् / सैन्धवान्रन्ध्रकरकाञ्छमठाभीररोहकान्
śivaśailānindrapadānvasatīśca visarjamān / saindhavānrandhrakarakāñchamaṭhābhīrarohakān
शिवशैल और इन्द्रपद, तथा वसति-प्रदेशों को पीछे छोड़ती हुई; वह सैन्धव, रन्ध्रकरक और छमठ, आभीर, रोहक—इन जनों के देश तक भी पहुँची।