Pṛthivy-Āyāma-Vistara (Extent of the Earth) and Jambūdvīpa–Navavarṣa Description
तेषां मनुष्या स्तर्क्केण प्रमाणानि प्रचक्षते / अचिन्त्याः खलु ये भावा न तांस्तर्केण साधयेत्
teṣāṃ manuṣyā starkkeṇa pramāṇāni pracakṣate / acintyāḥ khalu ye bhāvā na tāṃstarkeṇa sādhayet
उनके विषय में मनुष्य तर्क से प्रमाण बताते हैं; पर जो भाव वास्तव में अचिन्त्य हैं, उन्हें तर्क से सिद्ध नहीं करना चाहिए।