Pṛthivy-Āyāma-Vistara (Extent of the Earth) and Jambūdvīpa–Navavarṣa Description
न शक्यन्ते क्रमेणेह वक्तुं यैः सततं जगत् / सप्त द्वीपान्प्रवक्ष्यामि चन्द्रादित्यग्रहैः सह
na śakyante krameṇeha vaktuṃ yaiḥ satataṃ jagat / sapta dvīpānpravakṣyāmi candrādityagrahaiḥ saha
जिनके द्वारा यह जगत् निरंतर व्यवस्थित है, उन्हें यहाँ क्रम से कहना संभव नहीं; मैं चन्द्र-सूर्य तथा ग्रहों सहित सात द्वीपों का वर्णन करूँगा।