Agnibheda–Vaṃśa: Forms of Agni, Their Functions, and Progeny (अग्निभेद-वंशः)
प्रायश्चित्तेष्वभीमानी हुतं भुङ्क्ते हविः सदा / विविधेस्तु सुतो ह्यर्क्क स्तस्य चाग्नेः सुता इमे
prāyaścitteṣvabhīmānī hutaṃ bhuṅkte haviḥ sadā / vividhestu suto hyarkka stasya cāgneḥ sutā ime
प्रायश्चित्त कर्मों में अभिमानी (अधिष्ठाता) होकर वह सदा हुत हवि का भोग करता है। और विविधि का पुत्र ‘अर्क’ है; उस अग्नि के ये पुत्र (आगे) हैं।