Jayantī–Kāvyā (Śukra) Saṃvāda: Varadāna and the Ten-Year Concealment
त्वय्यदृष्टे वयं तेन देवाचार्येण मोहिताः / भक्तानर्हसि नस्त्रातुं ज्ञात्वा दीर्घेण चक्षुषा
tvayyadṛṣṭe vayaṃ tena devācāryeṇa mohitāḥ / bhaktānarhasi nastrātuṃ jñātvā dīrgheṇa cakṣuṣā
आपकी अनुपस्थिति में उन देवाचार्य (बृहस्पति) ने हमें मोहित (भ्रमित) कर दिया था। अपनी दिव्य दृष्टि से यह जानकर, हम भक्तों की रक्षा करना आपके लिए उचित है।