Jayantī–Kāvyā (Śukra) Saṃvāda: Varadāna and the Ten-Year Concealment
धर्मतो ऽविमुखाश्चैव कारिता वेधसा वयम् / दग्धाश्चैवोपधायोगात्स्वेस्वे कार्ये तु मायया
dharmato 'vimukhāścaiva kāritā vedhasā vayam / dagdhāścaivopadhāyogātsvesve kārye tu māyayā
विधाता ने हमें धर्म से विमुख न होने के लिए ही प्रवृत्त किया था; पर छल-उपाय के संयोग से हम अपनी-अपनी ही क्रिया में माया द्वारा दग्ध कर दिए गए।