Vṛṣṇivaṃśa–Anukīrtana (Enumeration of the Vṛṣṇi Lineage) — Questions on Viṣṇu’s Human Descent
युष्मदर्थं प्रदास्यामि तत्सर्व धार्यते मया / ततो देवासुरान्दृष्ट्वा धृतान्काव्येन धीमता
yuṣmadarthaṃ pradāsyāmi tatsarva dhāryate mayā / tato devāsurāndṛṣṭvā dhṛtānkāvyena dhīmatā
तुम्हारे लिए मैं वह सब प्रदान करूँगा जो मेरे द्वारा धारण किया गया है। तब बुद्धिमान काव्य (शुक्राचार्य) द्वारा धारण किए गए देवासुरों (असुरों) को देखकर...