Vṛṣṇivaṃśa–Anukīrtana (Enumeration of the Vṛṣṇi Lineage) — Questions on Viṣṇu’s Human Descent
अमन्त्रयंस्तदा ते वै संविघ्ना विजिगीषया / एष काव्य इदं सर्वं व्यावर्त्तयति नो बलात्
amantrayaṃstadā te vai saṃvighnā vijigīṣayā / eṣa kāvya idaṃ sarvaṃ vyāvarttayati no balāt
तब उन्होंने (देवताओं ने), विघ्न-बाधाओं से युक्त होकर और जीतने की इच्छा से, आपस में मंत्रणा की: 'यह काव्य (शुक्र) बलपूर्वक हमारे इस सारे प्रयास को लौटा रहा है (विफल कर रहा है)।'