गान्धर्वमूर्छनालक्षणवर्णनम्
Description of Gandharva Mūrchanā Characteristics
मद्रकोदक्षिणस्यापि यथोक्ता वर्त्तते कला / सर्वमेवानुयोगं तु द्वितीयं बुद्धिमिष्यते
madrakodakṣiṇasyāpi yathoktā varttate kalā / sarvamevānuyogaṃ tu dvitīyaṃ buddhimiṣyate
दक्षिण के मद्रक की कला भी जैसा कहा गया है वैसी ही चलती है। समस्त अनुयोग को ही दूसरी बुद्धि (द्वितीय निर्णय) माना जाता है।