Bhārgavaṃ prati Varuṇāgamanaṃ
Varuṇa’s Approach to Bhārgava/Paraśurāma
कातमब्धौ निपतितं नष्टतोयं चिरोषितम् / अपि रुद्रप्रभावेम प्रायान्नात्यन्तविप्लवम्
kātamabdhau nipatitaṃ naṣṭatoyaṃ ciroṣitam / api rudraprabhāvema prāyānnātyantaviplavam
जो गड्ढा समुद्र में गिरकर जलरहित हो गया था और बहुत काल से सूखा पड़ा था, वह भी रुद्र-प्रभाव से प्रायः अत्यन्त विक्षोभ को नहीं पहुँचा।