यज्ञसमापन-दक्षिणा-आवभृथस्नान-वर्णनम्
Completion of the Sacrifice, Gifts, and Avabhṛtha Bath
ब्राह्मणाद्यैस्ततो वर्णैरृत्विग्भिश्च समन्वितः / वारकीयाकदंबैश्च सूतमागधवन्दिभिः
brāhmaṇādyaistato varṇairṛtvigbhiśca samanvitaḥ / vārakīyākadaṃbaiśca sūtamāgadhavandibhiḥ
तब वह ब्राह्मण आदि वर्णों, ऋत्विजों तथा वारकीय-समूहों के साथ, और सूत, मागध व वन्दियों से घिरा हुआ था।