सगरचरिते सागराविनाशः
The Quelling of the Ocean-Destruction Episode in the Sagara Narrative
तदंभसा पावितेषु तेषां गात्रास्थिभस्मसु / प्राप्नुवन्ति गतिं स्वर्गे भवतः पितरो ऽखिलाः
tadaṃbhasā pāviteṣu teṣāṃ gātrāsthibhasmasu / prāpnuvanti gatiṃ svarge bhavataḥ pitaro 'khilāḥ
उस जल से जब उनके शरीर, अस्थि और भस्म पवित्र हो जाते हैं, तब आपके समस्त पितर स्वर्ग में गति को प्राप्त होते हैं।