सगरचरिते सागराविनाशः
The Quelling of the Ocean-Destruction Episode in the Sagara Narrative
ततो विनष्टं तुरगं विचिन्वन्तो महीतले / प्रालभन्त न ते क्वापि तत्प्रवृत्तिं चिरान्नृप
tato vinaṣṭaṃ turagaṃ vicinvanto mahītale / prālabhanta na te kvāpi tatpravṛttiṃ cirānnṛpa
फिर वे धरती पर खोए हुए घोड़े को खोजते रहे, पर हे नृप! बहुत समय तक भी उन्हें कहीं उसका पता न मिला।