अश्वमोचनम् (Aśvamocanam) — “The Release/Recovery of the Sacrificial Horse”
विचित्य पृथिवीं ते तु स पुराचलकाननाम् / अपश्यन्तो यज्ञपशुं दुःखं महदवाप्नुवन्
vicitya pṛthivīṃ te tu sa purācalakānanām / apaśyanto yajñapaśuṃ duḥkhaṃ mahadavāpnuvan
वे नगरों, पर्वतों और वनों सहित सारी पृथ्वी को छानते रहे; पर यज्ञ-पशु को न देखकर उन्हें महान दुःख प्राप्त हुआ।