अश्वमोचनम् (Aśvamocanam) — “The Release/Recovery of the Sacrificial Horse”
ततः समाकुलाः सर्वे विनष्टे ऽश्वे नृपात्मजाः / परीत्य वसुधां सर्वां प्रमार्गन्तस्तुरगमम्
tataḥ samākulāḥ sarve vinaṣṭe 'śve nṛpātmajāḥ / parītya vasudhāṃ sarvāṃ pramārgantasturagamam
तब अश्व के नष्ट हो जाने पर वे सब राजपुत्र व्याकुल हो उठे और समस्त पृथ्वी का परिक्रमण करके घोड़े को खोजने लगे।