सगरदिग्विजयः
Sagara’s World-Conquest / Digvijaya
कुशलं ननु ते राज्ये बाह्येष्वाभ्यन्तरेषु च / अपिधर्मेण सकलाः प्रजास्त्वं परिरक्षसि
kuśalaṃ nanu te rājye bāhyeṣvābhyantareṣu ca / apidharmeṇa sakalāḥ prajāstvaṃ parirakṣasi
क्या तुम्हारे राज्य में बाहर और भीतर सब कुशल है? और क्या तुम धर्म के अनुसार समस्त प्रजा की रक्षा करते हो?