सगरदिग्विजयः
Sagara’s World-Conquest / Digvijaya
क्षममूर्ध्वमुखान्सद्यः पलायनपरान्पुनः / वृक्षान्पुष्पफलोपेतान्विलोक्य मुदितो ऽभवत्
kṣamamūrdhvamukhānsadyaḥ palāyanaparānpunaḥ / vṛkṣānpuṣpaphalopetānvilokya mudito 'bhavat
वह भूमि पर मुख उठाए हुए और फिर तुरंत भागने को तत्पर प्राणियों को देखकर, तथा पुष्प-फल से युक्त वृक्षों को निहारकर प्रसन्न हुआ।