सगरदिग्विजयः
Sagara’s World-Conquest / Digvijaya
स्तब्धेक्षणैर्लक्ष्यमाणो मार्गोपान्ते शिखण्डिभिः / प्रियाभ्यां दर्शयन्राजन्सारङ्गांस्तिमितेक्षणान्
stabdhekṣaṇairlakṣyamāṇo mārgopānte śikhaṇḍibhiḥ / priyābhyāṃ darśayanrājansāraṅgāṃstimitekṣaṇān
मार्ग के किनारे मोर स्थिर दृष्टि से उसे देखते रहे। हे राजन्, वह अपनी प्रियाओं को ठहरी हुई आँखों वाले सारंग (हिरण) दिखाता हुआ चला।