हिरण्यकशिपुजन्म-तपः-वरप्रभावः
Birth, Austerity, and Boon-Power of Hiraṇyakaśipu
अधस्ताद्यत्तु नाभेर्वै सर्वं तदशुचि स्मृतम् / ततस्तामशुचिं ज्ञात्वा सोंतरं तदमन्यत
adhastādyattu nābhervai sarvaṃ tadaśuci smṛtam / tatastāmaśuciṃ jñātvā soṃtaraṃ tadamanyata
नाभि के नीचे जो कुछ है, वह सब अशुचि माना गया है। इसलिए उस अशुचिता को जानकर उसने भीतर का (अवसर) ऐसा सोचा।