हिरण्यकशिपुजन्म-तपः-वरप्रभावः
Birth, Austerity, and Boon-Power of Hiraṇyakaśipu
प्रतीताहं ते सुरश्रेष्ठ दशवर्षाणि पुत्रक / अवशिष्ठानि भद्रं ते भ्रातरं द्रक्ष्यसे ततः
pratītāhaṃ te suraśreṣṭha daśavarṣāṇi putraka / avaśiṣṭhāni bhadraṃ te bhrātaraṃ drakṣyase tataḥ
हे सुरश्रेष्ठ पुत्र! दस वर्षों से मैं तुमसे प्रसन्न हूँ। अब शेष समय भी पूरा होने पर, कल्याण हो, तब तुम अपने भ्राता को देखोगे।