हिरण्यकशिपुजन्म-तपः-वरप्रभावः
Birth, Austerity, and Boon-Power of Hiraṇyakaśipu
शक्रः सर्वेषु कालेषु दितिं परिचचार ह / किञ्चिच्छिष्टे व्रते देवी तुष्टा शक्रमुवाच ह
śakraḥ sarveṣu kāleṣu ditiṃ paricacāra ha / kiñcicchiṣṭe vrate devī tuṣṭā śakramuvāca ha
शक्र ने सब समय दिति की परिचर्या की। व्रत में थोड़ा-सा शेष रहने पर देवी प्रसन्न होकर शक्र से बोली।