हिरण्यकशिपुजन्म-तपः-वरप्रभावः
Birth, Austerity, and Boon-Power of Hiraṇyakaśipu
शुश्रूषाभिरतो भूत्वा कलुषेणान्तरात्मना / शुश्रूषते तु तां शक्रः सर्वकालमनुव्रतः
śuśrūṣābhirato bhūtvā kaluṣeṇāntarātmanā / śuśrūṣate tu tāṃ śakraḥ sarvakālamanuvrataḥ
सेवा में तत्पर होकर, भीतर से कपटपूर्ण मन रखते हुए भी, शक्र सर्वदा अनुव्रत होकर उसकी सेवा करता रहा।