Jamadagni-Āśrama-Ākramaṇa (Attack on Jamadagni’s Hermitage) / जमदग्न्याश्रमाक्रमणम्
तछ्रुत्वा भीरभूत्तेषां रामनामानुकीर्त्तनात् / क्रोधं प्रसङ्यानृशंस्यं पूर्ववैरमनुस्मरन्
tachrutvā bhīrabhūtteṣāṃ rāmanāmānukīrttanāt / krodhaṃ prasaṅyānṛśaṃsyaṃ pūrvavairamanusmaran
यह सुनकर राम-नाम के उच्चारण मात्र से वे भयभीत हो उठे; और पूर्व वैर का स्मरण करते हुए निर्दय क्रोध में भर गए।