Bhārgava-Stuti and Kṛṣṇa’s Vara
Devotional Hymn and Boon to the Bhargava
दनुजकुलविनाशीलेखपाताविनाशी प्रथमकुलविकाशी सर्वविद्याप्रकाशी / प्रसभरचितकाशी भक्तदत्ताखिलाशीरवतु विजितपाशी मांसदा षण्मुखाशी
danujakulavināśīlekhapātāvināśī prathamakulavikāśī sarvavidyāprakāśī / prasabharacitakāśī bhaktadattākhilāśīravatu vijitapāśī māṃsadā ṣaṇmukhāśī
दनुज-कुल का नाश करने वाली, विनाश का लेख मिटाने वाली; प्रथम कुल को विकसित करने वाली, समस्त विद्याओं को प्रकाशित करने वाली। वेग से काशी की रचना करने वाली, भक्तों को समस्त आशीष देने वाली—पाशों को जीतने वाली, षण्मुखी, मांसदा (देवी) मेरी रक्षा करें।