गणेश-एकदन्त-उत्पत्तिः (Origin of Gaṇeśa’s Single Tusk) / Bhārgava–Gaṇeśa Encounter
कृष्णः स्कन्दमुपाकृष्य स्वाङ्के प्रेम्णा न्यवेशयत् / अथ शंभुरपि प्रीतः श्रीदामानम् पस्थितम्
kṛṣṇaḥ skandamupākṛṣya svāṅke premṇā nyaveśayat / atha śaṃbhurapi prītaḥ śrīdāmānam pasthitam
कृष्ण ने स्कन्द को पास खींचकर प्रेम से अपनी गोद में बिठाया; फिर प्रसन्न शम्भु ने उपस्थित श्रीदाम का भी सत्कार किया।