गणेश-एकदन्त-उत्पत्तिः (Origin of Gaṇeśa’s Single Tusk) / Bhārgava–Gaṇeśa Encounter
क्रोडीचकार सुप्रीता मूर्ध्न्यु पाघ्राय पार्वती / एवं तयोस्तु सत्कारं दृष्ट्वा रामगणेशयोः
kroḍīcakāra suprītā mūrdhnyu pāghrāya pārvatī / evaṃ tayostu satkāraṃ dṛṣṭvā rāmagaṇeśayoḥ
अत्यन्त प्रसन्न पार्वती ने उसे गोद में लिया और मस्तक सूँघकर स्नेह दिखाया; राम और गणेश के उस सत्कार को देखकर ऐसा हुआ।