गणेश-एकदन्त-उत्पत्तिः (Origin of Gaṇeśa’s Single Tusk) / Bhārgava–Gaṇeśa Encounter
भवभयहारिणि शंभुविहारिणि कल्मषनाशिनि कुंभिगते / तव चरणे पतितं सततं कृतकिल्बिषमप्यव देहि वरम्
bhavabhayahāriṇi śaṃbhuvihāriṇi kalmaṣanāśini kuṃbhigate / tava caraṇe patitaṃ satataṃ kṛtakilbiṣamapyava dehi varam
हे भव-भय हरने वाली, शम्भु के साथ विहार करने वाली, पाप-नाशिनी, कुम्भि-गति वाली देवी! मैं सदा तुम्हारे चरणों में गिरा हूँ; अपराधी होकर भी मेरी रक्षा करो और वर दो।