गणेश-एकदन्त-उत्पत्तिः (Origin of Gaṇeśa’s Single Tusk) / Bhārgava–Gaṇeśa Encounter
तदोवाच जगन्नाथः पार्वतीं प्रीणयन्गिरा
tadovāca jagannāthaḥ pārvatīṃ prīṇayangirā
तब जगन्नाथ ने वाणी से पार्वती को प्रसन्न करते हुए कहा।