गणेश-एकदन्त-उत्पत्तिः (Origin of Gaṇeśa’s Single Tusk) / Bhārgava–Gaṇeśa Encounter
ननाम चरणान्प्रभ्वोः पुत्राभ्यां सहिता मुदा / थ रामो ऽपि तत्रैव गत्वा नमितकन्धरः
nanāma caraṇānprabhvoḥ putrābhyāṃ sahitā mudā / tha rāmo 'pi tatraiva gatvā namitakandharaḥ
वह दोनों पुत्रों सहित आनंदपूर्वक प्रभु के चरणों में नतमस्तक हुई। तब राम भी वहीं जाकर, गर्दन झुकाकर प्रणाम करने लगे।