गणेश-एकदन्त-उत्पत्तिः (Origin of Gaṇeśa’s Single Tusk) / Bhārgava–Gaṇeśa Encounter
रत्नसिंहासने नम्ये सदारं स न्यवेशयत् / थ तत्र गता देवी पार्वती तनयान्विता
ratnasiṃhāsane namye sadāraṃ sa nyaveśayat / tha tatra gatā devī pārvatī tanayānvitā
उसने रत्नजटित सिंहासन पर प्रणाम करके, पत्नी सहित उन्हें वहाँ बैठाया। तब देवी पार्वती भी अपने पुत्रों सहित वहाँ पहुँचीं।