गणेश-एकदन्त-उत्पत्तिः (Origin of Gaṇeśa’s Single Tusk) / Bhārgava–Gaṇeśa Encounter
गोलोकनाथं गोपीशं नानानुनयकोविदम् / स्मृतमात्रो ऽथ भगवान् केशवः प्रणतार्त्तिहा / आजगाम दयासिंधुर्भक्तवश्यो ऽखिलेश्वरः
golokanāthaṃ gopīśaṃ nānānunayakovidam / smṛtamātro 'tha bhagavān keśavaḥ praṇatārttihā / ājagāma dayāsiṃdhurbhaktavaśyo 'khileśvaraḥ
गोलोकनाथ, गोपीश्वर, अनेक प्रकार से मनाने में निपुण—उनका स्मरण मात्र होते ही प्रणतों के दुःख हरने वाले भगवान केशव, दया-सागर, भक्तवश्य और अखिलेश्वर वहाँ आ पहुँचे।