Reṇukā-vilāpa and the Aftermath of Jamadagni’s Slaying (अर्जुनोपाख्यान-प्रसङ्गः)
तावत्तदन्तिकं रामः समभ्येत्याश्रुलोचनः / रुदतीमलमंबेति सांत्वयामास मातरम्
tāvattadantikaṃ rāmaḥ samabhyetyāśrulocanaḥ / rudatīmalamaṃbeti sāṃtvayāmāsa mātaram
तब अश्रुपूरित नेत्रों वाले राम ने उनके पास जाकर, रोती हुई माता को 'बस करो माँ (अब और मत रोओ)' कहकर सांत्वना दी।