Rāja-prabodhana and Prātaḥ-kṛtya
Awakening of the King and Morning Observances
अनिवार्यमिदं लोके ब्रह्मस्वन्दुर्जरं विषम् / पुत्रपौत्रान्तफलदं विपाककटु पार्थिव
anivāryamidaṃ loke brahmasvandurjaraṃ viṣam / putrapautrāntaphaladaṃ vipākakaṭu pārthiva
हे पार्थिव, इस लोक में ब्रह्मस्व रूपी यह दुर्जर विष अनिवार्य है; इसका फल पुत्र-पौत्रों तक जाता है और इसका विपाक अत्यन्त कटु होता है।