रामस्य पितृसेवा-तीर्थाटन-वृत्तान्तः
Rama’s filial service and ordered pilgrimage; setting for the Haihaya episode
सर्वं संपादयिथ्ये ऽहमातिथ्यं सानुगस्य ते / इत्युक्त्वाहूय तां दोग्ध्रीमुवाचायं ममातिथिः
sarvaṃ saṃpādayithye 'hamātithyaṃ sānugasya te / ityuktvāhūya tāṃ dogdhrīmuvācāyaṃ mamātithiḥ
मैं तुम्हारे, तुम्हारे अनुचरों सहित, समस्त आतिथ्य की व्यवस्था कर दूँगा। यह कहकर उसने दुहने वाली को बुलाकर कहा—यह मेरा अतिथि है।