Śrāddha-kalpa: Dāna-phala, Medhya/Amedhya Dravya, and Uparāga
Eclipse) Observances (श्राद्धकल्पः—दानफल-मेध्यामेध्य-उपरागविधिः
पिशाचान्यातुधानांश्च फलं गच्छत्यसंशयम् / शौचे चाश्रद्दधानो हि म्लेच्छजातिषु जायते १४।११३// अयज्वा चैव पापश्च तिर्यग्योनिगतो ऽपि च / शौचेन मोक्षं कुर्वाणः स्वर्गवासी भवेन्नरः
piśācānyātudhānāṃśca phalaṃ gacchatyasaṃśayam / śauce cāśraddadhāno hi mlecchajātiṣu jāyate 14.113// ayajvā caiva pāpaśca tiryagyonigato 'pi ca / śaucena mokṣaṃ kurvāṇaḥ svargavāsī bhavennaraḥ
निस्संदेह उसका फल पिशाचों और यातुधानों को प्राप्त होता है। जो शौच में श्रद्धाहीन है, वह म्लेच्छ जातियों में जन्म लेता है। जो यज्ञ न करने वाला, पापी, या तिर्यक्-योनि में पड़ा हो—वह भी शौच द्वारा मोक्ष साधे तो स्वर्गवासी होता है।