Śrāddha-kalpa: Dāna-phala, Medhya/Amedhya Dravya, and Uparāga
Eclipse) Observances (श्राद्धकल्पः—दानफल-मेध्यामेध्य-उपरागविधिः
विख्यापनं च शौचानां नित्यमज्ञानमेव वा / अतो ऽन्यथा तु यः कुर्यान्मोहाच्छौचस्य संकरम्
vikhyāpanaṃ ca śaucānāṃ nityamajñānameva vā / ato 'nyathā tu yaḥ kuryānmohācchaucasya saṃkaram
शौच के नियमों का प्रचार करना भी, या निरन्तर अज्ञान में रहना भी (इनका फल है)। अतः जो मोहवश शौच में मिश्रण/भ्रम उत्पन्न करे, वह पथभ्रष्ट होता है।