Śrāddha-kalpa: Amarakantaka–Tīrtha-Māhātmya and Akṣaya Pitṛ-Tarpaṇa
मृदवस्तु सुगन्धाश्च हेमाभाः प्रियदर्शनाः / शान्ताःकुशा इति ख्याताः परिदक्षिणनर्मदाम्
mṛdavastu sugandhāśca hemābhāḥ priyadarśanāḥ / śāntāḥkuśā iti khyātāḥ paridakṣiṇanarmadām
वे पदार्थ कोमल और सुगंधित, स्वर्ण-सी आभा वाले तथा प्रियदर्शन हैं। वे ‘शान्त कुश’ कहलाते हैं और नर्मदा की परिक्रमा करते हैं।