श्राद्धकल्पे पितृदेवपूजाक्रमः (Śrāddhakalpa: Order of Pitṛ and Deva Worship)
उदक्पूर्वे बलिं कुर्यादुदकान्ते तथैव च / बलिं सुविहितं कुर्या दुच्चैरुच्चतरं क्षिपेत्
udakpūrve baliṃ kuryādudakānte tathaiva ca / baliṃ suvihitaṃ kuryā duccairuccataraṃ kṣipet
जल के आरंभ में बलि दे और जल के अंत में भी वैसी ही दे। बलि को विधिपूर्वक रखकर ऊँचे से और ऊँचे स्थान पर अर्पित करे।